Sunday, September 9, 2012

सफ़र !!!


आज जब मैं ज़िन्दगी के पन्ने पलटता हूँ,
उस धुंधली तस्वीर से धुल उदा देखता हूँ,
सुनहरी यादों से भरी एक रह नज़र आती है,
चले थे जिस पर अकेले हम, पर आज इक भीड़ नज़र आती है,
की हर चेहरा इक कहानी बयां करता है आज,
कहीं है प्यारी सी हंसी तो कहीं छुपे हैं हजारो ऱाज ,
इन्ही चेहरों को समेटे ज़िन्दगी चली जा रही है,
कुछ याद़ों के थपेड़े, तो कुछ सपनों के झोंके ला रही है,
के हर लम्हा कानों में एक बात कह जाता है,
खुशियों से भरी ये दुनिया है, मुस्कुरा के जी ले ज़िन्दगी,
हर पन्ने पे इक छाप छोड़, जी भर के जी ले ज़िन्दगी।।



1 comment:

  1. Bhai Kava tu to faad likhta hai...you should write more and often

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